Bajrang Baan in Hindi PDF | Bajrang Baan Lyrics in Hindi Download PDF | PDF Bajrang Baan Meaning

Bajrang Baan in Hindi PDF | Bajrang Baan Lyrics in Hindi Download PDF | PDF Bajrang Baan Meaning: बजरंग बाण का पाठ करना हनुमान जी को अति प्रिय है। हनुमान चालीसा और बजरंग बाण (Bajrang Baan) के पाठ हमेशा बोलकर करने चाहिए जबकि मंत्र द्वारा आराधना में मंत्र को मन ही मन उच्चारण करना चाहिए। हनुमान जी के बजरंग बाण की महिमा अपार है। (Bajrang Baan Lyrics in Hindi)

ऐसी मान्यता है कि जो भक्त नियमित रूप से बजरंग बाण का पाठ करते है उनके लिए यह अचूक बाण का कार्य करता है। किसी भी कार्य की सिद्धि के लिए बजरंग बाण का प्रयोग करने से कार्य अवश्य ही सिद्ध होता है। (Bajrang Baan Lyrics in Hindi)

बजरंग बाण का पाठ किसने लिखा था?

श्रीरामचरितमानस के रचयिता गोस्वामी तुलसीदास ने श्रीरामचरितमानस लिखने से पहले हनुमान चालीसा लिखी थी और फिर हनुमान जी की कृपा से ही वे श्रीरामचरितमानस लिख पाए। कहते हैं कि तुलसीदास जी ने ही बजरंग बाण भी लिखा था। (Bajrang Baan Lyrics in Hindi)

बजरंग बाण का पाठ करने के क्या लाभ होते हैं?

  • बजरंग बाण का पाठ करने से हमें भय, रोग, विपत्ति एव कष्टों से मुक्ति मिलती है।
  • बजरंग बाण का पाठ मंगलवार एवं शनिवार को सूर्य उदय से पहले करे। सुबह जल्दी उठकर स्नान कर स्वच्छ कपडों का परिधान करे। शुद्ध अन्तकरण व पूर्ण भक्ति भाव से अपने दोनो हाथ जोड़ कर हनुमानजी की तस्वीर या मूर्ति के सामने खड़े रहे और बजरंग बाण का जाप करे। हनुमानजी को सूखे नारियल एव गुड़ का प्रसाद चढ़ाए और उनके चरणों मे राइ का तेल, उड़द की दाल व सिंदूर अर्पण करे। (Bajrang Baan Lyrics in Hindi)
  • बजरंग बाण की रचना १६वीं शताब्दी में संत तुलसीदास ने अवधी बोली में की थी। उन्होंने लोकप्रिय भजन हनुमान चालीसा की भी रचना की। (Bajrang Baan Lyrics in Hindi)
Bajrang Baan Lyrics in Hindi
Bajrang Baan Lyrics in Hindi
  • बजरंग बाण और हनुमान चालीसा का पठन साथ में करना अत्यंत लाभदायक माना जाता है।
  • जिन लोगों के कार्य नहीं बनते या बने हुए कार्य बिगड़ जाते हैं उन्हें भी रोज़ाना बजरंग बाण का पाठ अवश्य करना चाहिए| (Bajrang Baan Lyrics in Hindi)
  • अगर आप भी ह्रदय रोग व ब्लड प्रेशर के रोग से ग्रसित हैं तो आपको भी रोज़ाना बजरंग बाण का पाठ करना चाहिए। इसके करने से स्वास्थ्य में विशेष लाभ होता है। (Bajrang Baan Lyrics in Hindi)
  • विवाह में कोई अड़चन आ रही है, या आपका वैवाहिक जीवन सही नहीं चल रहा है तो बजरंग बाण का पाठ करें। पाठ करने से सारे दुख दूर हो जाते हैं और जीवन सुखद हो जाता है।(Bajrang Baan Lyrics in Hindi)

यदि आप अपने शत्रुओं व विरोधियों से बहुत परेशान है तो प्रत्येक मंगलवार को 11 बार बजरंग बाण का पाठ जरूर करें। बजरंग बाण का नियमित पाठ करने से आत्मविश्वास व साहस में वृद्धि होती है। यदि आप किसी भी शारीरिक समस्या से गुजर रहे हैं तो बजरंग बाण का पाठ करने से स्वास्थ्य में विशेष लाभ होगा। (Bajrang Baan Lyrics in Hindi)

जो बच्चे शारीरिक या मानसिक रूप से कमजोर हैं या किसी को काम को करने से पहले डर से जाते है तो उनके लिए भी बजरंग बाण का पाठ विशेष तौर पर लाभकारी होता है । यदि आपके हर कार्य में रुकावट आ रही है तो शनिवार के दिन 21 बार बजरंग बाण का पाठ करने से फायदा होता है। अगर आप कहीं साक्षात्कार देने जा रहे है तो 5 बार बजरंग बाण का पाठ करके जाइये इससे आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा और सफलता अवश्य मिलेगी। (Bajrang Baan Lyrics in Hindi)

बजरंग बाण पाठ करने के लाभ (Bajrang Baan Benefits in Hindi)

  • नियमित रूप से बजरंग बाण का पाठ करने से सभी प्रकार से भय आदि से मुक्ति मिलती है और आत्मविश्वास बढ़ता है।
  • यदि आप अपने शत्रुओं से परेशान है तो बजरंग बाण का नियमित 7 बार पाठ करें और मात्र 21 दिन में ही आपके शत्रु परास्त होने लगेंगे।
  • अपने व्यापार और कारोबार में वृद्धि के लिए अपने ऑफिस (कार्य स्थल) पर पाँच मंगलवार तक 7 बार बजरंग बाण का पाठ करें।
  • जिन व्यक्तियों के बने -बनाये कार्य बिगड़ जाते हो उन्हें अपनी दैनिक पूजा में बजरंग बाण का पाठ अवश्य करना चाहिए।
  • नियमित रूप से बजरंग बाण का पाठ व्यक्ति में साहस बढ़ाने के साथ -साथ सकारात्मक उर्जा का संचार करता है।
  • कदली वन, या कदली वृक्ष के नीचे बजरंग बाण का पाठ करने से विवाह की बाधा खत्म हो जाती है। यहां तक कि तलाक जैसे कुयोग भी टलते हैं
Bajrang Baan Lyrics in Hindi
Bajrang Baan Lyrics in Hindi
  • अगर किसी प्रकार के ग्रहदोष से पीड़ित हों, तो प्रात:काल बजरंग बाण का पाठ, आटे के दीप में लाल बत्ती जलाकर करें। ऐसा करने से बड़े से बड़ा ग्रह दोष पल भर में टल जायेगा।
  • राहु से नुकसान की भरपाई अगर शनि,राहु,केतु जैसे क्रूर ग्रहों की दशा,महादशा चल रही हो तो उड़द दाल के 21 या 51 बड़े एक धागे में माला बनाकर चढ़ायें। सारे बड़े प्रसाद के रुप में बांट दें। आपको तिल के तेल का दीपक जलाकर सिर्फ 3 बार बजरंग बाण का पाठ करना होगा। (Bajrang Baan Lyrics in Hindi)
  • अगर किसी कारणवश जेल जाने के योग बन रहे हों, या फिर कोई संबंधी जेल में बंद हो तो उसे मुक्त कराने के लिए हनुमान जी की पूंछ पर सिंदूर से 11 टीका लगाकर 11 बार बजरंग बाण पढ़ने से कारागार योग से मुक्ति मिल जाती है। अगर आप हनुमान जी को 11 गुलाब चढ़ाते हैं या फिर चमेली के तेल में 11 लाल बत्ती के दीपक जलाते हैं तो बड़े से बड़े कोर्ट केस में भी आपको जीत मिल जायेगी। (Bajrang Baan Lyrics in Hindi)
  • कई बार पेट की गंभीर बीमारी जैसे लीवर में खराबी, पेट में अल्सर या कैंसर जैसे रोग हो जाते हैं, ऐसे रोग अशुभ मंगल की वजह से होते हैं। अगर इस तरह के रोग से मुक्ति पानी हो तो हनुमान जी को 21 पान के पत्ते की माला चढ़ाते हुए 5 बार बजरंग बाण पढ़ना चाहिये। ध्यान रहे कि बजरंग बाण का पाठ राहुकाल में ही करें। पाठ के समय घी का दीप ज़रुर जलायें।
  • अगर नौकरी छूटने का डर हो या छूटी हुई नौकरी दोबारा पानी हो तो बजरंग बाण का पाठ रात में नक्षत्र दर्शन करने के बाद करें। इसके लिए आपको मंगलवार का व्रत भी रखना होगा। अगर आप हनुमान जी को नारियल चढ़ाने के बाद, उसे लाल कपड़े में लपेट कर घर के आग्नेय कोण रखते हैं तो मालिक स्वयं आपको नौकरी देने आ सकता है। (Bajrang Baan Lyrics in Hindi)
  • कई बार घर में वास्तुदोष के चलते कई समस्या हो जाती है। तो घर में वास्तुदोष दूर करने के लिए 3 बार बजरंग बाण का पाठ करना चाहिए। हनुमान जी को लाल झंडा चढ़ाने के बाद उसे घर के दक्षिण दिशा में लगाने से भी वास्तुदोष से मुक्ति मिलती है। घर में सकारात्मक ऊर्जा के लिए पंचमुखी हनुमान की प्रतिमा घर के मुख्य द्वार पर लगायें।
Bajrang Baan Lyrics in Hindi

बजरंग बाण

दोहा

निश्चय प्रेम प्रतीत ते, विनय करें सनमान ।
तेहि के कारज सकल शुभ, सिद्ध करैं हनुमान ॥

चौपाई

जय हनुमंत संत हितकारी ।
सुन लीजै प्रभु अरज हमारी ॥०१॥

जन के काज विलम्ब न कीजै ।
आतुर दौरि महा सुख दीजै ॥०२॥

जैसे कूदि सिन्धु वहि पारा ।
सुरसा बद पैठि विस्तारा ॥०३॥

आगे जाई लंकिनी रोका ।
मारेहु लात गई सुर लोका ॥०४॥

जाय विभीषण को सुख दीन्हा ।
सीता निरखि परम पद लीन्हा ॥०५॥

बाग उजारी सिंधु महं बोरा ।
अति आतुर यम कातर तोरा ॥०६॥

अक्षय कुमार मारि संहारा ।
लूम लपेट लंक को जारा ॥०७॥

लाह समान लंक जरि गई ।
जय जय धुनि सुर पुर महं भई ॥०८॥

अब विलम्ब केहि कारण स्वामी ।
कृपा करहु उर अन्तर्यामी ॥०९॥

जय जय लक्ष्मण प्राण के दाता ।
आतुर होय दुख हरहु निपाता ॥१०॥

जै गिरिधर जै जै सुखसागर ।
सुर समूह समरथ भटनागर ॥११॥

ॐ हनु हनु हनु हनु हनुमन्त हठीले।
बैरिहिं मारू बज्र की कीले ॥१२॥

गदा बज्र लै बैरिहिं मारो ।
महाराज प्रभु दास उबारो ॥१३॥

ॐ कार हुंकार महाप्रभु धावो ।
बज्र गदा हनु विलम्ब न लावो ॥१४॥

ॐ ह्नीं ह्नीं ह्नीं हनुमंत कपीसा ।
ॐ हुं हुं हुं हनु अरि उर शीशा ॥१५॥

सत्य होहु हरि शपथ पाय के ।
रामदूत धरु मारु धाय के ॥१६॥

जय जय जय हनुमंत अगाधा ।
दु:ख पावत जन केहि अपराधा ॥१७॥

पूजा जप तप नेम अचारा।
नहिं जानत कछु दास तुम्हारा ॥१८॥

वन उपवन, मग गिरि गृह माहीं ।
तुम्हरे बल हम डरपत नाहीं ॥१९॥

पांय परों कर जोरि मनावौं ।
यहि अवसर अब केहि गोहरावौं ॥२०॥

जय अंजनि कुमार बलवन्ता ।
शंकर सुवन वीर हनुमंता ॥२१॥

बदन कराल काल कुल घालक ।
राम सहाय सदा प्रति पालक ॥२२॥

भूत प्रेत पिशाच निशाचर ।
अग्नि बेताल काल मारी मर ॥२३॥

इन्हें मारु तोहिं शपथ राम की ।
राखु नाथ मरजाद नाम की ॥२४॥

जनकसुता हरि दास कहावौ ।
ताकी शपथ विलम्ब न लावो ॥२५॥

जय जय जय धुनि होत अकाशा ।
सुमिरत होत दुसह दुःख नाशा ॥२६॥

चरण शरण कर जोरि मनावौ ।
यहि अवसर अब केहि गौहरावौं ॥२७॥

उठु उठु चलु तोहिं राम दुहाई ।
पांय परौं कर जोरि मनाई ॥२८॥

ॐ चं चं चं चं चपल चलंता ।
ॐ हनु हनु हनु हनु हनुमंता ॥२९॥

ॐ हं हं हांक देत कपि चंचल ।
ॐ सं सं सहमि पराने खल दल ॥३०॥

अपने जन को तुरत उबारो ।
सुमिरत होय आनन्द हमारो ॥३१॥

यह बजरंग बाण जेहि मारै ।
ताहि कहो फिर कौन उबारै ॥३२॥

पाठ करै बजरंग बाण की ।
हनुमत रक्षा करैं प्राण की ॥३३॥

यह बजरंग बाण जो जापै ।
तेहि ते भूत प्रेत सब कांपे ॥३४॥

धूप देय अरु जपै हमेशा ।
ताके तन नहिं रहै कलेशा ॥३५॥

दोहा

प्रेम प्रतीतहि कपि भजै, सदा धरैं उर ध्यान ।
तेहि के कारज सकल शुभ, सिद्घ करैं हनुमान ॥

Bajrang Baan Lyrics in Hindi
Bajrang Baan Lyrics in Hindi

बजरंग बाण हिंदी अर्थ सहित

दोहा:

निश्चय प्रेम प्रतीति ते, विनय करें सन्मान
तेहि के कारज सकल शुभ, सिद्ध करैं हनुमान ।।

भावार्थ:- जो भी व्यक्ति पूर्ण प्रेम विश्वास के साथ विनय पूर्वक अपनी आशा रखता है, रामभक्त हनुमान जी की कृपा से उसके सभी कार्य शुभदायक और सफल होते हैं ।।

चौपाई:

जय हनुमन्त सन्त हितकारी सुन लीजै प्रभु अरज हमारी ।।

भावार्थ:- हे भक्त वत्सल हनुमान जी आप संतों के हितकारी हैं, कृपा पूर्वक मेरी विनती भी सुन लीजिये ।।

जन के काज विलम्ब कीजै आतुर दौरि महा सुख दीजै ।।

भावार्थ:- हे प्रभु पवनपुत्र आपका दास अति संकट में है , अब बिलम्ब मत कीजिये एवं पवन गति से आकर भक्त को सुखी कीजिये ।।

जैसे कूदि सुन्धु के पारा सुरसा बदन पैठि विस्तारा ।।

भावार्थ:- जिस प्रकार से आपने खेल-खेल में समुद्र को पार कर लिया था और सुरसा जैसी प्रबल और छली के मुंह में प्रवेश करके वापस भी लौट आये ।। (Bajrang Baan Lyrics in Hindi)

आगे जाई लंकिनी रोका मारेहु लात गई सुर लोका ।।

भावार्थ:- जब आप लंका पहुंचे और वहां आपको वहां की प्रहरी लंकिनी ने ने रोका तो आपने एक ही प्रहार में उसे देवलोक भेज दिया ।।

जाय विभीषण को सुख दीन्हा सीता निरखि परम पद लीन्हा ।।

भावार्थ:- राम भक्त विभीषण को जिस प्रकार अपने सुख प्रदान किया , और माता सीता के कृपापात्र बनकर वह परम पद प्राप्त किया जो अत्यंत ही दुर्लभ है ।। (Bajrang Baan Lyrics in Hindi)

बाग़ उजारि सिन्धु महं बोरा अति आतुर जमकातर तोरा ।।

भावार्थ:- कौतुक-कौतुक में आपने सारे बाग़ को ही उखाड़कर समुद्र में डुबो दिया एवं बाग़ रक्षकों को जिसको जैसा दंड उचित था वैसा दंड दिया ।।

अक्षय कुमार मारि संहारा लूम लपेट लंक को जारा ।।

भावार्थ:- बिना किसी श्रम के क्षण मात्र में जिस प्रकार आपने दशकंधर पुत्र अक्षय कुमार का संहार कर दिया एवं अपनी पूछ से सम्पूर्ण लंका नगरी को जला डाला ।।

लाह समान लंक जरि गई जय जय धुनि सुरपुर में भई ।।

भावार्थ:- किसी घास-फूस के छप्पर की तरह सम्पूर्ण लंका नगरी जल गयी आपका ऐसा कृत्य देखकर हर जगह आपकी जय जयकार हुयी ।।

अब विलम्ब केहि कारण स्वामी कृपा करहु उन अन्तर्यामी ।।

भावार्थ:- हे प्रभु तो फिर अब मुझ दास के कार्य में इतना बिलम्ब क्यों ? कृपा पूर्वक मेरे कष्टों का हरण करो क्योंकि आप तो सर्वज्ञ और सबके ह्रदय की बात जानते हैं ।।

जय जय लखन प्राण के दाता आतुर होय दुख हरहु निपाता ।।

भावार्थ:- हे दीनों के उद्धारक आपकी कृपा से ही लक्ष्मण जी के प्राण बचे थे , जिस प्रकार आपने उनके प्राण बचाये थे उसी प्रकार इस दीन के दुखों का निवारण भी करो ।।

जै गिरिधर जै जै सुखसागर सुर समूह समरथ भटनागर ।।

भावार्थ:-  हे योद्धाओं के नायक एवं सब प्रकार से समर्थ, पर्वत को धारण करने वाले एवं सुखों के सागर मुझ पर कृपा करो ।।

हनु हनु हनु हनुमंत हठीले बैरिहि मारु बज्र की कीले ।।

भावार्थ:- हे हनुमंत – हे दुःख भंजन – हे हठीले हनुमंत मुझ पर कृपा करो और मेरे शत्रुओं को अपने वज्र से मारकर निस्तेज और निष्प्राण कर दो ।। (Bajrang Baan Lyrics in Hindi)

गदा बज्र लै बैरिहिं मारो महाराज निज दास उबारो ।।

भावार्थ:- हे प्रभु गदा और वज्र लेकर मेरे शत्रुओं का संहार करो और अपने इस दास को विपत्तियों से उबार लो ।।

सुनि पुकार हुंकार देय धावो बज्र गदा हनु विलम्ब लावो ।।

भावार्थ:- हे प्रतिपालक मेरी करुण पुकार सुनकर हुंकार करके मेरी विपत्तियों और शत्रुओं को निस्तेज करते हुए मेरी रक्षा हेतु आओ , शीघ्र अपने अस्त्र-शस्त्र से शत्रुओं का निस्तारण कर मेरी रक्षा करो ।।

ह्रीं ह्रीं ह्रीं हनुमंत कपीसा हुं हुं हुं हनु अरि उर शीशा ।।

भावार्थ:- हे ह्रीं ह्रीं ह्रीं रूपी शक्तिशाली कपीश आप शक्ति को अत्यंत प्रिय हो और सदा उनके साथ उनकी सेवा में रहते हो , हुं हुं हुंकार रूपी प्रभु मेरे शत्रुओं के हृदय और मस्तक विदीर्ण कर दो ।।

सत्य होहु हरि शपथ पाय के रामदूत धरु मारु जाय के ।।

भावार्थ:- हे दीनानाथ आपको श्री हरि की शपथ है मेरी विनती को पूर्ण करो – हे रामदूत मेरे शत्रुओं का और मेरी बाधाओं का विलय कर दो ।। (Bajrang Baan Lyrics in Hindi)

जय जय जय हनुमन्त अगाधा दुःख पावत जन केहि अपराधा ।।

भावार्थ:- हे अगाध शक्तियों और कृपा के स्वामी आपकी सदा ही जय हो , आपके इस दास को किस अपराध का दंड मिल रहा है ?

पूजा जप तप नेम अचारा नहिं जानत हौं दास तुम्हारा ।।

भावार्थ:- हे कृपा निधान आपका यह दास पूजा की विधि , जप का नियम , तपस्या की प्रक्रिया तथा आचार-विचार सम्बन्धी कोई भी ज्ञान नहीं रखता मुझ अज्ञानी दास का उद्धार करो ।।

वन उपवन, मग गिरि गृह माहीं तुम्हरे बल हम डरपत नाहीं ।।

भावार्थ:- आपकी कृपा का ही प्रभाव है कि जो आपकी शरण में है वह कभी भी किसी भी प्रकार के भय से भयभीत नहीं होता चाहे वह स्थल कोई जंगल हो अथवा सुन्दर उपवन चाहे घर हो अथवा कोई पर्वत ।।

पांय परों कर ज़ोरि मनावौं यहि अवसर अब केहि गोहरावौं ।।

भावार्थ:- हे प्रभु यह दास आपके चरणों में पड़ा हुआ हुआ है , हाथ जोड़कर आपके अपनी विपत्ति कह रहा हूँ , और इस ब्रह्माण्ड में भला कौन है जिससे अपनी विपत्ति का हाल कह रक्षा की गुहार लगाऊं ।।

जय अंजनि कुमार बलवन्ता शंकर सुवन वीर हनुमन्ता ।।

भावार्थ:- हे अंजनी पुत्र हे अतुलित बल के स्वामी , हे शिव के अंश वीरों के वीर हनुमान जी मेरी रक्षा करो ।।

बदन कराल काल कुल घालक राम सहाय सदा प्रति पालक ।।

भावार्थ:- हे प्रभु आपका शरीर अति विशाल है और आप साक्षात काल का भी नाश करने में समर्थ हैं , हे राम भक्त , राम के प्रिय आप सदा ही दीनों का पालन करने वाले हैं ।। (Bajrang Baan Lyrics in Hindi)

भूत प्रेत पिशाच निशाचर अग्नि बेताल काल मारी मर ।।

भावार्थ:- चाहे वह भूत हो अथवा प्रेत हो भले ही वह पिशाच या निशाचर हो या अगिया बेताल हो या फिर अन्य कोई भी हो ।। (Bajrang Baan Lyrics in Hindi)

इन्हें मारु तोहिं शपथ राम की राखु नाथ मरजाद नाम की ।।

भावार्थ:- हे प्रभु आपको आपके इष्ट भगवान राम की सौगंध है अविलम्ब ही इन सबका संहार कर दो और भक्त प्रतिपालक एवं राम-भक्त नाम की मर्यादा की आन रख लो ।। (Bajrang Baan Lyrics in Hindi)

जनकसुता हरि दास कहावौ ताकी शपथ विलम्ब लावो ।।

भावार्थ:- हे जानकी एवं जानकी बल्लभ के परम प्रिय आप उनके ही दास कहाते हो ना , अब आपको उनकी ही सौगंध है इस दास की विपत्ति निवारण में विलम्ब मत कीजिये ।।

जय जय जय धुनि होत अकाशा सुमिरत होत दुसह दुःख नाशा ।।

भावार्थ:- आपकी जय-जयकार की ध्वनि सदा ही आकाश में होती रहती है और आपका सुमिरन करते ही दारुण दुखों का भी नाश हो जाता है ।।

चरण पकर कर ज़ोरि मनावौ यहि अवसर अब केहि गौहरावौं ।।

भावार्थ:- हे रामदूत अब मैं आपके चरणों की शरण में हूँ और हाथ जोड़ कर आपको मना रहा हूँ – ऐसे विपत्ति के अवसर पर आपके अतिरिक्त किससे अपना दुःख बखान करूँ ।।

उठु उठु उठु चलु राम दुहाई पांय परों कर ज़ोरि मनाई ।।

भावार्थ:- हे करूणानिधि अब उठो और आपको भगवान राम की सौगंध है मैं आपसे हाथ जोड़कर एवं आपके चरणों में गिरकर अपनी विपत्ति नाश की प्रार्थना कर रहा हूँ ।। (Bajrang Baan Lyrics in Hindi)

Bajrang Baan Lyrics in Hindi
Bajrang Baan Lyrics in Hindi

चं चं चं चं चं चपल चलंता ऊँ हनु हनु हनु हनु हनु हनुमन्ता ।।

भावार्थ:- हे चं वर्ण रूपी तीव्रातितीव्र वेग (वायु वेगी ) से चलने वाले, हे हनुमंत लला मेरी विपत्तियों का नाश करो ।।

ऊँ हं हं हांक देत कपि चंचल ऊँ सं सं सहमि पराने खल दल ।।

भावार्थ:- हे हं वर्ण रूपी आपकी हाँक से ही समस्त दुष्ट जन ऐसे निस्तेज हो जाते हैं जैसे सूर्योदय के समय अंधकार सहम जाता है।। (Bajrang Baan Lyrics in Hindi)

अपने जन को तुरत उबारो सुमिरत होय आनन्द हमारो ।।

भावार्थ:- हे प्रभु आप ऐसे आनंद के सागर हैं कि आपका सुमिरण करते ही दास जन आनंदित हो उठते हैं अब अपने दास को विपत्तियों से शीघ्र ही उबार लो ।। (Bajrang Baan Lyrics in Hindi)

ताते बिनती करौं पुकारी।हरहु सकल दुख विपत्ति हमारी।

भावार्थ:- हे प्रभु मैं इसी लिए आपको ही विनयपूर्वक पुकार रहा हूँ और अपने दुःख नाश की गुहार लगा रहा हूँ ताकि आपके कृपानिधान नाम को बट्टा ना लगे। (Bajrang Baan Lyrics in Hindi)

परम प्रबल प्रभाव प्रभु तोरा।कस हरहु अब संकट मोरा।।

भावार्थ:- हे पवनसुत आपका प्रभाव बहुत ही प्रबल है किन्तु तब भी आप मेरे कष्टों का निवारण क्यों नहीं कर रहे हैं।

हे बजरंग ! बाण सम धावौं।मेटि सकल दुख दरस दिखावौं।।

भावार्थ:- हे बजरंग बली प्रभु श्री राम के बाणों की गति से आवो और मुझ दीन के दुखों का नाश करते हुए अपने भक्त वत्सल रूप का दर्शन दो।  (Bajrang Baan Lyrics in Hindi)

हे कपि राज काज कब ऐहौ।अवसर चूकि अन्त पछतैहौ।।

भावार्थ:- हे कपि राज यदि आज आपने मेरी लाज नहीं रखी तो फिर कब आओगे और यदि मेरे दुखों ने मेरा अंत कर दिया तो फिर आपके पास एक भक्त के लिए पछताने के अतिरिक्त और क्या बचेगा ?

जन की लाज जात एहि बारा।धावहु हे कपि पवन कुमारा।।

भावार्थ:- हे पवन तनय इस बार अब आपके दास की लाज बचती नहीं दिख रही है अस्तु शीघ्रता पूर्वक पधारो।

जयति जयति जय जय हनुमाना।जयति जयति गुन ज्ञान निधाना।।

भावार्थ:- हे प्रभु हनुमत बलवीर आपकी सदा ही जय हो , हे सकल गुण और ज्ञान के निधान आपकी सदा ही जय-जयकार हो। (Bajrang Baan Lyrics in Hindi)

जयति जयति जय जय कपि राई।जयति जयति जय जय सुख दाई।।

भावार्थ:- हे कपिराज हे प्रभु आपकी सदा सर्वदा ही जय हो , आप सुखों की खान और भक्तों को सदा ही सुख प्रदान करने वाले हैं ऐसे सुखराशि की सदा ही जय हो। (Bajrang Baan Lyrics in Hindi)

जयति जयति जय राम पियारे।जयति जयति जय,सिया दुलारे।।

भावार्थ:- हे सूर्यकुल भूषण दशरथ नंदन राम को प्रिय आपकी सदा ही जय हो – हे जनक नंदिनी, पुरुषोत्तम रामबल्लभा के प्रिय पुत्र आपकी सदा ही जय हो। (Bajrang Baan Lyrics in Hindi)

जयति जयति मुद मंगल दाता।जयति जयति त्रिभुवन विख्याता।।

भावार्थ:- हे सर्वदा मंगल कारक आपकी सदा ही जय हो, इस अखिल ब्रह्माण्ड में आपको भला कौन नहीं जानता, हे त्रिभुवन में प्रसिद्द शंकर सुवन आपकी सदा ही जय हो। ।

एहि प्रकार गावत गुण शेषा।पावत पार नहीं लव लेसा।।

भावार्थ:- आपकी महिमा ऐसी है की स्वयं शेष नाग भी अनंत काल तक भी यदि आपके गुणगान करें तब भी आपके प्रताप का वर्णन नहीं कर सकते। (Bajrang Baan Lyrics in Hindi)

राम रूप सर्वत्र समाना।देखत रहत सदा हर्षाना।।

भावार्थ:- हे भक्त शिरोमणि आप राम के नाम और रूप में ही सदा रमते हैं और सर्वत्र आप राम के ही दर्शन पाते हुए सदा हर्षित रहते हैं। (Bajrang Baan Lyrics in Hindi)

विधि सारदा सहित दिन राती।गावत कपि के गुन बहु भाँती।।

भावार्थ:- विद्या की अधिस्ठात्री माँ शारदा विधिवत आपके गुणों का वर्णन विविध प्रकार से करती हैं किन्तु फिर भी आपके मर्म को जान पाना संभव नहीं है।  (Bajrang Baan Lyrics in Hindi)

तुम सम नहीं जगत बलवाना।करि विचार देखउँ विधि नाना।।

भावार्थ:- हे कपिवर मैंने बहुत प्रकार से विचार किया और ढूंढा तब भी आपके समान कोई अन्य मुझे नहीं दिखा।

यह जिय जानि सरन हम आये।ताते विनय करौं मन लाये।।

भावार्थ:- यही सब विचार कर मैंने आप जैसे दयासिन्धु की शरण गही है और आपसे विनयपूर्वक आपकी विपदा कह रहा हूँ।

सुनि कपि आरत बचन हमारे।हरहु सकल दुख सोच हमारे।।

भावार्थ:- हे कपिराज मेरे इन आर्त (दुःख भरे) वच्चों को सुनकर मेरे सभी दुःखों का नाश कर दो।

एहि प्रकार विनती कपि केरी।जो जन करै,लहै सुख ढेरी।।

भावार्थ:- इस प्रकार से जो भी कपिराज से विनती करता है वह अपने जीवन काल में सभी प्रकार के सुखों को प्राप्त करता है। (Bajrang Baan Lyrics in Hindi)

याके पढ़त बीर हनुमाना।धावत बान तुल्य बलवाना।।

भावार्थ:- इस बजरंग बाण के पढ़ते ही पवनपुत्र श्री हनुमान जी बाणों के वेग से अपने भक्त के हित के लिए दौड़ पड़ते हैं।

मेटत आय दुख छिन माहीं।दै दर्शन रघुपति ढिंग जाहीं।।

भावार्थ:- और सभी प्रकार के दुखों का हरण क्षणमात्र में कर देते हैं एवं अपने मनोहारी रूप का दर्शन देने के पश्चात पुनः प्रभु श्रीराम जी के पास पहुँच जाते हैं। (Bajrang Baan Lyrics in Hindi)

डीठ मूठ टोनादिक नासैं।पर कृत यन्त्र मन्त्र नहिं त्रासै।।

भावार्थ:- किसी भी प्रकार की कोई तांत्रिक क्रिया अपना प्रभाव नहीं दिखा पाती है चाहे वह कोई टोना-टोटका हो अथवा कोई मारण प्रयोग , ऐसी प्रभु हनुमंत लला की कृपा अपने भक्तों के साथ सदा रहती है। (Bajrang Baan Lyrics in Hindi)

भैरवादि सुर करैं मिताई।आयसु मानि करैं सेवकाई।।

भावार्थ:- सभी प्रकार के सुर-असुर एवं भैरवादि किसी भी प्रकार का अहित नहीं करते बल्कि मित्रता पूर्वक जीवन के क्षेत्र में सहायता करते हैं।

आवृत ग्यारह प्रति दिन जापै।ताकी छाँह काल नहिं व्यापै।।

भावार्थ:- जो व्यक्ति प्रतिदिन ग्यारह की संख्या में इस बजरंग बाण का जाप नियमित एवं श्रद्धा पूर्वक करता है उसकी छाया से भी काल घबराता है। (Bajrang Baan Lyrics in Hindi)

शत्रु समूह मिटै सब आपै।देखत ताहि सुरासुर काँपै।।

भावार्थ:- इस बजरंग बाण का पाठ करने वाले से शत्रुता रखने या मानने वालों का स्वतः ही नाश हो जाता है उसकी छवि देखकर ही सभी सुर-असुर कांप उठते हैं।

तेज प्रताप बुद्धि अधिकाई।रहै सदा कपि राज सहाई।।

भावार्थ:- हे प्रभु आप सदा ही अपने इस दास की सहायता करें एवं तेज, प्रताप, बल एवं बुद्धि प्रदान करें।

यह बजरंग बाण जेहि मारै ताहि कहो फिर कौन उबारै ।।

भावार्थ:- यह बजरंग बाण यदि किसी को मार दिया जाए तो फिर भला इस अखिल ब्रह्माण्ड में उबारने वाला कौन है ?

पाठ करै बजरंग बाण की हनुमत रक्षा करैं प्राम की ।।

भावार्थ:- जो भी पूर्ण श्रद्धा युक्त होकर नियमित इस बजरंग बाण का पाठ करता है , श्री हनुमंत लला स्वयं उसके प्राणों की रक्षा में तत्पर रहते हैं ।।

यह बजरंग बाण जो जापै ताते भूत प्रेत सब कांपै ।।

भावार्थ:- जो भी व्यक्ति नियमित इस बजरंग बाण का जप करता है , उस व्यक्ति की छाया से भी बहुत-प्रेतादि कोसों दूर रहते हैं ।। (Bajrang Baan Lyrics in Hindi)

धूप देय अरु जपै हमेशा ताके तन नहिं रहै कलेशा ।।

भावार्थ:- जो भी व्यक्ति धुप-दीप देकर श्रद्धा पूर्वक पूर्ण समर्पण से बजरंग बाण का पाठ करता है उसके शरीर पर कभी कोई व्याधि नहीं व्यापती है ।।

॥दोहा॥

उर प्रतीति दृढ सरन हवै,पाठ करै धरि ध्यान।
बाधा सब हर करै,सब काज सफल हनुमान।
प्रेम प्रतीतिहि कपि भजे,सदा धरै उर ध्यान।
तेहि के कारज सकल सुभ,सिद्ध करैं हनुमान॥

भावार्थ:- प्रेम पूर्वक एवं विश्वासपूर्वक जो कपिवर श्री हनुमान जी का स्मरण करता हैं एवं सदा उनका ध्यान अपने हृदय में करता है उसके सभी प्रकार के कार्य हनुमान जी की कृपा से सिद्ध होते हैं ।।

Bajrang Baan Lyrics in Hindi
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